:
Breaking News

Patna News: पीएम मोदी के रोड शो और कैबिनेट विस्तार का असर, पटना के कई निजी स्कूल बंद

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Patna News के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो और सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार समारोह को लेकर पटना में कई निजी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था का असर पढ़ाई पर भी पड़ा है।

पटना/आलम की खबर:राजधानी पटना आज पूरी तरह राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में बदल गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित रोड शो को लेकर पूरे शहर में हाई अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है। गांधी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त कर दी है कि इसका असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूलों और बच्चों की पढ़ाई तक पहुंच गया है। ट्रैफिक प्रतिबंधों और सुरक्षा कारणों से राजधानी के कई प्रमुख निजी स्कूलों ने गुरुवार को अवकाश घोषित कर दिया है।

पटना की सड़कों पर सुबह से ही राजनीतिक हलचल साफ दिखाई दे रही है। जगह-जगह बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और ट्रैफिक डायवर्जन के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से जारी ट्रैफिक प्लान के तहत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। कुछ रास्तों को पूरी तरह बंद रखने का फैसला भी लिया गया है ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वीवीआईपी नेताओं के काफिले बिना किसी बाधा के गुजर सकें। इसी स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया।

सबसे ज्यादा असर गांधी मैदान और उसके आसपास के इलाकों में स्थित शिक्षण संस्थानों पर पड़ा है। राजधानी के कई प्रतिष्ठित निजी स्कूलों ने पहले ही अभिभावकों को सूचना भेज दी थी कि गुरुवार को स्कूल बंद रहेंगे। इनमें संत जेवियर्स हाईस्कूल, क्राइस्ट चर्च डायोसेशन स्कूल, संत जोसेफ कॉन्वेंट हाईस्कूल, संत कैरेंस हाईस्कूल, संत डोमेनिक हाईस्कूल और संत माइकल हाईस्कूल जैसे बड़े शिक्षण संस्थान शामिल हैं। स्कूल प्रशासन का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो सकता था, इसलिए एहतियातन यह फैसला लिया गया।

कई स्कूलों ने केवल छुट्टी घोषित करने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी बदलाव किया गया है। डीएवी पब्लिक स्कूल समेत कई संस्थानों ने अपने निर्धारित इंटरनल टेस्ट और यूनिट टेस्ट को स्थगित कर दिया है। स्कूल प्रबंधन का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों का समय पर स्कूल पहुंचना संभव नहीं होता और इससे परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। अभिभावकों ने भी स्कूल प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। कई माता-पिता का कहना था कि शहर में असामान्य भीड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है।

हालांकि पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई निजी स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास का विकल्प अपनाया है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को मोबाइल मैसेज, व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए जानकारी दी गई कि निर्धारित समय पर वर्चुअल क्लास संचालित की जाएंगी। सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर तक ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराने की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करें और नियमित पढ़ाई जारी रखें। कोविड काल के बाद ऑनलाइन शिक्षा का जो सिस्टम विकसित हुआ था, वही अब इस तरह की परिस्थितियों में स्कूलों के लिए मददगार साबित हो रहा है।

राजधानी पटना में आज का दिन पूरी तरह राजनीतिक माहौल के नाम है। एक तरफ गांधी मैदान में सम्राट चौधरी सरकार अपनी नई टीम के साथ शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग कार्यक्रम स्थल की ओर पहुंच रहे हैं। भाजपा और जदयू कार्यकर्ताओं के बड़े काफिले राजधानी में दाखिल हो चुके हैं। नेताओं के पोस्टर, बैनर और झंडों से पूरा शहर राजनीतिक रंग में रंगा नजर आ रहा है।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने की है। पटना पहले से ही भीड़भाड़ और जाम की समस्या से जूझता रहा है, ऐसे में वीवीआईपी मूवमेंट ने हालात और चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। कई ऑफिस जाने वाले लोगों को सुबह से ही लंबा रास्ता तय करना पड़ा। आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों और व्यापारियों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में दुकानें देर से खुलीं, जबकि कुछ जगहों पर लोग जाम में फंसने से परेशान नजर आए।

स्कूल बंद होने के कारण बच्चों में जहां छुट्टी को लेकर उत्साह दिखाई दिया, वहीं अभिभावकों के बीच चिंता भी बनी रही। कई अभिभावकों ने कहा कि लगातार बदलते ट्रैफिक नियमों और अचानक लगने वाले जाम की वजह से बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाती है। यही कारण है कि स्कूलों का यह फैसला सही माना जा रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान राजधानी में आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो जाती है और प्रशासन को भविष्य में इसके लिए बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ शपथ ग्रहण समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति में एनडीए की ताकत दिखाने का बड़ा मंच भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और रोड शो को लेकर भाजपा कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं। दूसरी ओर विपक्ष भी इस पूरे आयोजन पर नजर बनाए हुए है। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक संदेश देने का काम करेगा।

पटना की सड़कों से लेकर स्कूलों तक आज राजनीति का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी में हर तरफ सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और राजनीतिक गतिविधियों की चर्चा हो रही है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर आम लोगों की दिनचर्या तक इस बड़े आयोजन का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। फिलहाल पूरा शहर गांधी मैदान और प्रधानमंत्री के रोड शो पर टिकी नजरों के साथ दिनभर की हलचल को देख रहा है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *